RBI ने 2 नवंबर 2026 को FEMA के Export and Import Regulations में दूसरा संशोधन जारी किया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू बताया गया है। Resident Individual के सर्विस एक्सपोर्ट में EDF को जमा माना जाने की नई व्यवस्था और सर्विस इंपोर्ट की IDPMS रिपोर्टिंग में ₹10 लाख की सीमा तय की गई है। इसका सीधा संबंध AD बैंक के फॉरेक्स काम से है।
AD बैंकों के काम से जुड़ा अहम संशोधन
Reserve Bank of India (RBI) ने 2 नवंबर 2026 को Notification No. FEMA 23(R)/(2)/2026-RB जारी किया। इसका नाम Foreign Exchange Management (Export and Import of Goods and Services) (Second Amendment) Regulations, 2026 है। दस्तावेज में इसे 1 अक्टूबर 2026 से लागू बताया गया है। यह सर्विस एक्सपोर्ट की Export Declaration Form (EDF) प्रक्रिया और सर्विस इंपोर्ट के लिए Authorised Dealer (AD) बैंकों की Import Data Processing and Monitoring System (IDPMS) रिपोर्टिंग से जुड़ा है।
अधिसूचना का पाठ TaxGuru और Gazette Tracker के पुनर्प्रकाशित दस्तावेजों में देखा गया। Indian Express तथा Reuters की रिपोर्टों से मुख्य बातों का मिलान भी किया गया। RBI की मूल अधिसूचना का लिंक मिला, लेकिन जांच के दौरान RBI का पेज सीधे नहीं खुल सका। इसलिए मूल RBI पेज सीधे पढ़ लेने का दावा नहीं किया जा रहा है।
Resident Individual किसे माना जाएगा?
संशोधित Regulation 2(1) में resident individual की परिभाषा जोड़ी गई है। इसका मतलब भारत में निवासी प्राकृतिक व्यक्ति है। केवल भारत में कारोबार करने के कारण कोई कंपनी या पार्टनरशिप फर्म इस खास परिभाषा के तहत resident individual नहीं बन जाती। आगे EDF और IDPMS दोनों नियमों में यह अंतर महत्वपूर्ण है।
सर्विस एक्सपोर्ट में EDF कब जमा माना जाएगा?
- Resident individual: अगर कोई व्यक्ति सर्विस एक्सपोर्ट करता है और विदेश से मिले भुगतान को अपने खाते में क्रेडिट कराने के लिए जरूरी जानकारी AD बैंक को देता है, तो नए प्रावधान के अनुसार EDF जमा माना जाएगा। इस श्रेणी के लिए नए प्रावधान में ₹10 लाख की सीमा नहीं रखी गई है।
- Resident individual से अलग निर्यातक: कंपनी, फर्म या अन्य इकाई के लिए ऐसा deemed submission तब होगा, जब उस सर्विस की inward remittance ₹10 लाख से अधिक न हो और जरूरी भुगतान जानकारी AD बैंक को दी गई हो। ठीक ₹10 लाख इस सीमा में आता है; इससे अधिक रकम पर यह खास छूट नहीं मिलेगी।
इससे सभी दस्तावेज या बैंक को जानकारी देने की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाती। Deemed submission का अर्थ है कि तय शर्त पूरी होने पर EDF जमा माना जाएगा। इसे सालाना टर्नओवर की ₹10 लाख सीमा समझना भी गलत है। रिपोर्टिंग से बचने के लिए भुगतान जानबूझकर बांटने की सलाह इस संशोधन से नहीं निकलती।
सर्विस इंपोर्ट की IDPMS एंट्री में क्या बदला?
संशोधित Regulation 18(1)(d) के अनुसार AD बैंक को सर्विस इंपोर्ट की जानकारी IDPMS में तब डालनी है जब दोनों शर्तें पूरी हों: importer निवासी प्राकृतिक व्यक्ति के अलावा कोई अन्य इकाई हो, और invoice या contract value ₹10 लाख से अधिक हो। ऐसे मामले में importer से संबंधित विवरण मिलने के पांच working days के अंदर एंट्री करनी होगी।
पहले का प्रावधान सर्विस इंपोर्ट की जानकारी और दस्तावेज मिलने के पांच working days में एंट्री की व्यापक व्यवस्था बताता था। नया नियम इस विशेष IDPMS एंट्री की सीमा बदलता है; इससे बाकी FEMA या बैंकिंग जांच अपने-आप समाप्त नहीं होती।
फॉरेक्स ऑपरेशंस और ब्रांच स्टाफ के लिए क्या मायने?
AD बैंक की फॉरेक्स और ट्रेड सर्विस टीम को पहले यह पहचानना होगा कि exporter या importer resident individual है या कोई दूसरी इकाई। व्यक्तिगत सर्विस एक्सपोर्टर के मामले में बिना आधार ₹10 लाख की सीमा नहीं लगानी चाहिए। दूसरी ओर कंपनियों के लिए inward remittance की वैल्यू और इंपोर्ट में invoice/contract amount को सही तरह देखना होगा।
कंप्लायंस, ऑडिट और IT टीम को यह जांचना पड़ सकता है कि बैंक के रिपोर्टिंग प्रोसेस और सिस्टम में 1 अक्टूबर से प्रभावी संशोधन का सही व्यवहार हो रहा है या नहीं। बैंक की अधिकृत SOP और मौजूदा संयुक्त FEMA नियमों का पालन जरूरी रहेगा। भुगतान की जानकारी और निर्णय का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना भी महत्वपूर्ण है।
क्या नहीं बदला है?
यह 2026 के नियमों की Regulation 2, 3 और 18 में सीमित बदलाव है। इससे सभी फॉरेक्स नियम, ग्राहक की जांच या निर्यात रकम भारत लाने की दूसरी समय-सीमाएं समाप्त नहीं हुई हैं। 22 सितंबर 2026 का पहला संशोधन अलग है। किसी कठिन या पुरानी ट्रांजैक्शन में AD बैंक की लागू नियमावली और अधिकृत कंप्लायंस टीम से पुष्टि आवश्यक है।
स्रोत और संदर्भ
- TaxGuru (RBI notification reproduced) — RBI Relaxes FEMA EDF and IDPMS Reporting Rules for Services from October 2026 (2026-11-03)
- The Indian Express — RBI eases export-import reporting for individuals, sets Rs 10 lakh threshold (2026-11-03)
- Reuters — India eases forex reporting rules for small value service exports, imports (2026-11-03)
- Gazette Tracker (Gazette text reproduced) — In exercise of the powers conferred by Sections 7, 8, 10 and 47 of FEMA (2026-11-02)
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