दो बैंकिंग न्यूज़ वेबसाइटों के अनुसार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के गुवाहाटी रीजनल ऑफिस ने 31 अक्टूबर 2026 को एक निर्देश जारी किया था। इसमें 1 नवंबर, रविवार को ब्रांच खोलकर लंबित Re-KYC मामले 3 नवंबर तक निपटाने की बात बताई गई। हालांकि मूल प्रमाणित मेमो और वास्तव में कितनी ब्रांच खुलीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
क्या खबर सामने आई है?
Kanal News ने 2 नवंबर 2026 को एक रिपोर्ट प्रकाशित की। इसके मुताबिक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के गुवाहाटी रीजनल ऑफिस ने 31 अक्टूबर को एक ऑफिस मेमोरेंडम जारी किया था। रिपोर्ट में कहा गया कि इस रीजन की सभी ब्रांचों को रविवार, 1 नवंबर को खोलकर ग्राहकों के लंबित Re-KYC मामलों पर विशेष अभियान चलाने को कहा गया था।
Hellobanker ने 1 नवंबर को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में भी गुवाहाटी वाले निर्देश की तारीख और काम पूरा करने की डेडलाइन का उल्लेख किया। इस वेबसाइट ने छत्रपति संभाजीनगर रीजनल ऑफिस से जुड़ी एक अलग सूचना का भी जिक्र किया। यहां फर्क समझना जरूरी है: ये मीडिया की रिपोर्ट्स हैं। Branch Wale को बैंक का प्रमाणित मूल आदेश नहीं मिला और यह स्वतंत्र रूप से नहीं जांच सका कि कौन-कौन सी ब्रांच वास्तव में रविवार को खुलीं।
तारीख और दायरा: रिपोर्ट्स में क्या बताया गया?
- 31 अक्टूबर 2026: गुवाहाटी रीजन के कथित ऑफिस मेमो की तारीख।
- 1 नवंबर 2026: वह रविवार, जब रिपोर्ट्स के अनुसार रीजन की ब्रांचों को Re-KYC अभियान चलाने को कहा गया।
- 3 नवंबर 2026: लंबित Re-KYC मामलों को खत्म कर शून्य पेंडेंसी का लक्ष्य पाने की बताई गई डेडलाइन।
- 1 और 2 नवंबर 2026: क्रमशः Hellobanker और Kanal News की संबंधित रिपोर्ट्स की प्रकाशन तारीख।
Kanal News के मुताबिक मेमो में Re-KYC पेंडेंसी को लेकर वरिष्ठ प्रबंधन की चिंता, उच्च-स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद दिए गए निर्देश और ब्रांच टीम के साथ रीजन तथा जोन के अधिकारियों की फील्ड ड्यूटी का जिक्र था। खबर गुवाहाटी रीजन से जुड़ी है। इसे पूरे देश में सेंट्रल बैंक की हर ब्रांच के लिए रविवार की ड्यूटी का आदेश नहीं मानना चाहिए।
बैंक कर्मचारियों के लिए यह मुद्दा क्यों महत्वपूर्ण है?
KYC रिकॉर्ड को समय-समय पर अपडेट करना बैंक के जरूरी कंप्लायंस कामों में आता है। लेकिन सामान्य छुट्टी के दिन ऐसी ड्राइव चलाने पर अलग व्यावहारिक सवाल उठते हैं। किस स्टाफ को बुलाया गया, ग्राहकों को सूचना कैसे दी गई, काम और निगरानी की जिम्मेदारी कैसे तय हुई, रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए क्या सुविधाएं थीं और साप्ताहिक छुट्टी का क्या इंतजाम हुआ? इन सवालों का जवाब बैंक के आधिकारिक रिकॉर्ड और स्टाफ प्रतिनिधियों के माध्यम से ही स्पष्ट हो सकता है।
रिपोर्ट्स में कुछ सोशल मीडिया प्रतिक्रियाओं का भी जिक्र है जिनमें रविवार की ड्यूटी और कम समय में काम खत्म करने के दबाव पर सवाल उठाए गए। लेकिन ऐसी प्रतिक्रियाओं के आधार पर सीधे यह नहीं कहा जा सकता कि सर्विस रूल्स का उल्लंघन हुआ है या किसी कर्मचारी को खास भुगतान या कंपेन्सेटरी लीव मिलना तय है। इसके लिए लागू नियम और बैंक की लिखित व्यवस्था अलग से देखनी होगी।
किन बातों की पुष्टि नहीं हुई है?
- गुवाहाटी रीजन की कितनी ब्रांचों में 1 नवंबर को वास्तव में काम हुआ और कितने कर्मचारी ड्यूटी पर आए।
- 3 नवंबर की डेडलाइन तक कितने Re-KYC मामले पूरे हुए और क्या पेंडेंसी वास्तव में शून्य हुई।
- मूल हस्ताक्षरित मेमो, बाद में कोई संशोधन या स्पष्टीकरण, तथा बैंक प्रबंधन का आधिकारिक जवाब।
- इस अभियान से जुड़ी कोई निश्चित ओवरटाइम राशि, कंपेन्सेटरी ऑफ, अतिरिक्त भुगतान या अनुशासनात्मक कार्रवाई।
1 नवंबर की बताई गई रविवार ड्यूटी और 3 नवंबर की डेडलाइन अब बीत चुकी हैं। इसलिए इस रिपोर्ट को भविष्य में ब्रांच खोलने की नई सूचना या किसी कर्मचारी के लिए आज का ड्यूटी आदेश न समझें। अगर आगे बैंक या मान्यता प्राप्त स्टाफ संगठन से नया और प्रमाणित जवाब आता है, तो वह अलग महत्वपूर्ण अपडेट होगा।
Re-KYC का मतलब और ग्राहकों के लिए सावधानी
Re-KYC का मतलब मौजूदा ग्राहक की पहचान और जरूरी जानकारी के रिकॉर्ड को बैंक की लागू प्रक्रिया के अनुसार अपडेट करना है। यह नया बैंक खाता खोलने से अलग प्रक्रिया है। ग्राहकों को कोई भी अपडेट बैंक के अधिकृत चैनल से ही करना चाहिए। किसी अनजान कॉल या मैसेज पर पासवर्ड, OTP या दूसरी गोपनीय जानकारी नहीं बतानी चाहिए।
स्रोत और संदर्भ
- Central Bank of India Guwahati RO Directed Branches to Open on Sunday for Re-KYC Drive; November 3 Deadline Set — Kanal News (2026-11-02)
- Why are Indian PSU Banks so obsessed with Holiday Working? — Hellobanker (2026-11-01)
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