चंडीगढ़ में एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर ने पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर ₹3.13 लाख की कथित साइबर ठगी किए जाने की शिकायत दर्ज कराई है। 4 नवंबर 2026 की समाचार रिपोर्ट के मुताबिक कॉल करने वाले व्यक्ति ने बैंक का प्रतिनिधि होने का दावा किया और एक ऐप इंस्टॉल करने को कहा। साइबर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
रिटायर्ड बैंकर से जुड़ी घटना
द टाइम्स ऑफ इंडिया ने 4 नवंबर को प्रकाशित रिपोर्ट में बताया कि चंडीगढ़ के एक रिटायर्ड बैंक मैनेजर ने ₹3.13 लाख की कथित ऑनलाइन ठगी की शिकायत की है। रिपोर्ट के अनुसार 23 अक्टूबर को एक अनजान व्यक्ति ने पेंशन कार्ड जारी किए जाने की बात कहकर संपर्क किया और मोबाइल पर फाइल या ऐप खोलने के लिए कहा। यह रिटायर्ड बैंक कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है क्योंकि कथित अपराध के पीड़ित एक पूर्व बैंकर हैं; इसका उनके पुराने काम से जुड़ा होना जरूरी नहीं है।
समाचार रिपोर्ट के मुताबिक कॉलर ने खुद को पंजाब एंड सिंध बैंक से जुड़ा बताया था। यह कॉलर का दावा था, उसकी असली नियुक्ति या बैंक से संबंध की पुष्टि नहीं। रिपोर्ट में रिटायर्ड मैनेजर का पूर्व नियोक्ता भी स्पष्ट नहीं है। इसलिए किसी बैंक को इस घटना में आरोपी संस्था की तरह नहीं दिखाया जा रहा है।
शिकायत और पुलिस की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार शिकायतकर्ता से ऐप डाउनलोड कराने और निजी जानकारी लेने की बात सामने आई। प्रकाशित रिपोर्ट में बताए गए मामलों में चंडीगढ़ की साइबर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की है। FIR में आरोपों की जांच होती है; इससे किसी व्यक्ति का अपराध साबित नहीं हो जाता।
जिन स्रोतों को देखा गया उनमें पूरी तरह सत्यापित ट्रांजैक्शन ट्रेल, आरोपियों की गिरफ्तारी, पैसे की बरामदगी या अदालत का अंतिम निर्णय नहीं मिला। इसलिए खबर को जांच में चल रहे आरोप के रूप में ही पढ़ना चाहिए। पीड़ित का नाम, घर का पता, निजी दस्तावेज और फोन नंबर यहां नहीं दिए गए हैं क्योंकि मामले को समझने के लिए उनकी जरूरत नहीं है।
पेंशनर्स के लिए जरूरी सावधानी
यदि कोई अनजान कॉलर पेंशन कार्ड या किसी लाभ के नाम पर ऐप इंस्टॉल करने को कहे तो पहले बैंक की वास्तविक आधिकारिक वेबसाइट, शाखा या पहले से सत्यापित हेल्पलाइन से बात करके जानकारी जांचें। कॉलर के भेजे लिंक या नंबर को ही सही मानना सुरक्षित तरीका नहीं है। OTP, कार्ड डिटेल या मोबाइल की अनावश्यक परमिशन किसी अनजान व्यक्ति को न दें। यह सामान्य सुरक्षा सलाह है, पुलिस केस पर कोई नया तथ्य नहीं।
इस रिपोर्ट में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि पंजाब एंड सिंध बैंक ने स्वयं कोई गलत पेंशन कार्ड ऑफर भेजा था या कथित ठगी में भाग लिया। गिरफ्तारी या रकम की बरामदगी जैसी नई जानकारी तभी प्रकाशित की जानी चाहिए जब उसकी पुष्टि हो।
स्रोत और संदर्भ
- 2 city residents lose over ₹6L in online scams — The Times of India (2026-11-04)
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