ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIRRBEA) ने SBI मैनेजमेंट से नौ प्रायोजित ग्रामीण बैंकों के कर्मचारियों की 16 मांगों पर बातचीत और हस्तक्षेप की अपील की है। 5 नवंबर 2026 की इस चिट्ठी से पहले यूनियनों ने 30 नवंबर को एक दिन की प्रस्तावित हड़ताल का नोटिस दिया था। अभी किसी समझौते या हड़ताल वापस लेने की पुष्टि नहीं है।
पहले हड़ताल नोटिस के बाद अब SBI को नई चिट्ठी
ऑल इंडिया रीजनल रूरल बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIRRBEA) ने SBI के वरिष्ठ मैनेजमेंट से अनुरोध किया है कि वह अपने प्रायोजित नौ रीजनल रूरल बैंकों (RRB) में स्टाफ की लंबित समस्याओं को लेकर यूनियनों से बात करे। रिपोर्ट में 5 नवंबर 2026 की चिट्ठी का जिक्र है। इसके पहले कर्मचारी संगठनों ने 30 नवंबर को एक दिन की प्रस्तावित हड़ताल का ऐलान किया था। नया घटनाक्रम हड़ताल का दोबारा ऐलान नहीं, बल्कि उसे टालने के लिए बातचीत की मांग है।
रिपोर्ट के मुताबिक, एसोसिएशन के महासचिव एस. वेंकटेश्वर रेड्डी ने यह अपील की। बताया गया कि इसकी प्रतियां वित्तीय सेवा विभाग और NABARD से जुड़े अधिकारियों को भी भेजी गईं। यहां चिट्ठी के बारे में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है; मूल हस्ताक्षरित पत्र स्वतंत्र रूप से प्राप्त नहीं हुआ।
कर्मचारियों की 16 मांगों में प्रमुख मुद्दे
एसोसिएशन की मांगें स्टाफ की सुविधाओं, सर्विस रूल्स, टारगेट और ग्रामीण बैंकों के प्रशासन से जुड़ी हैं। रिपोर्ट में इन प्रमुख विषयों का उल्लेख है:
- अलाउंस और सुविधाएं: लीज्ड अकॉमोडेशन, कन्वेयंस, स्टाफ वेलफेयर, ऑफिशिएटिंग पे, स्पेशल पे और फर्नीचर जैसी सुविधाओं में लागू नियमों के अनुसार समानता की मांग।
- वेतन समझौते: 12वें बाइपार्टाइट सेटलमेंट और नौवें जॉइंट नोट से जुड़ी व्यवस्थाओं को पात्र RRB कर्मचारियों पर उचित ढंग से लागू करने का मुद्दा।
- प्रमोशन और ट्रांसफर: अनिवार्य लर्निंग टेस्ट, प्रायोजक बैंक से प्रतिनियुक्त अधिकारियों की भूमिका और बातचीत से तय ट्रांसफर पॉलिसी पर आपत्तियां।
- क्रॉस-सेलिंग: थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट या इंश्योरेंस बेचने के टारगेट का दबाव हटाने और ऐसे टारगेट को स्टाफ के परफॉर्मेंस मूल्यांकन से अलग रखने की मांग।
- रिटायर्ड स्टाफ: मेडिकल इंश्योरेंस में सहायता और वेलफेयर फंड की पर्याप्त व्यवस्था की मांग।
- RRB प्रशासन: प्रायोजित ग्रामीण बैंकों के वर्गीकरण पर सवाल और बैंक बोर्ड तथा लागू स्टाफ ट्रस्ट में कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व के विषय।
ये सभी एसोसिएशन की मांगें और आपत्तियां हैं। केवल चिट्ठी में लिखे जाने से कोई अलाउंस मंजूर नहीं हो जाता, न ही बैंक पर नियम तोड़ने का आरोप सिद्ध माना जा सकता है।
30 नवंबर की प्रस्तावित हड़ताल की स्थिति
यूनियनों ने पहले 30 नवंबर 2026 को नौ SBI-प्रायोजित RRB में एक दिन की कार्रवाई का प्रस्ताव रखा था। 5 नवंबर की नई अपील उसका समाधान बातचीत से निकालने के लिए है। उपलब्ध खबरों से यह स्थापित नहीं होता कि समझौता हो चुका है, हड़ताल नोटिस वापस लिया गया है या हड़ताल पहले ही हो चुकी है। आगे का सही स्टेटस किसी नए आधिकारिक या यूनियन पत्र से ही तय होगा।
RRB कर्मचारियों के लिए यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
मांगों का संबंध कामकाज और करियर के रोजमर्रा के मामलों से है: प्रमोशन, ट्रांसफर, बिक्री के टारगेट, अलाउंस और रिटायरमेंट के बाद हेल्थ कवर। SBI मैनेजमेंट और कर्मचारी संगठनों की बातचीत से साफ हो सकता है कि किन लाभों के नियम पहले से लागू हैं, किन मुद्दों पर असहमति है और किस फैसले के लिए अलग मंजूरी जरूरी होगी। अभी किसी संभावित नतीजे का दावा करना सही नहीं होगा।
अलग-अलग ग्रामीण बैंकों में लाभ की पात्रता संबंधित कानून, बैंक सर्कुलर और प्रभावी समझौतों पर निर्भर करती है। इसलिए केवल यूनियन की मांग पढ़कर नई सुविधा मिलने की उम्मीद नहीं बांधनी चाहिए।
इन सवालों पर आगे नज़र रहेगी
- क्या SBI ने 5 नवंबर की अपील पर जवाब दिया और बैठक का समय तय किया?
- क्या 16 मांगों में से किसी पर लिखित मंजूरी, संशोधन या इनकार सामने आया?
- 30 नवंबर की प्रस्तावित कार्रवाई जारी रहेगी, टलेगी या वापस होगी?
इस लेख के लिए देखी गई रिपोर्टों में इन सवालों के अंतिम जवाब की पुष्टि नहीं मिली।
स्रोत और संदर्भ
स्रोत देखें, लागू होने की स्थिति जांचें और किसी गलती की जानकारी हमें दें।
चर्चा में शामिल हों