SBI प्रायोजित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की यूनियनों की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने 30 नवंबर 2026 को एक दिन की प्रस्तावित हड़ताल का नोटिस देने की जानकारी दी है। कर्मचारियों के भत्ते, प्रमोशन और थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट बेचने के टारगेट प्रमुख मुद्दे हैं। हड़ताल का ऐलान होना और उसका वास्तव में होना दो अलग बातें हैं।

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हड़ताल का नोटिस किसने दिया?

3 नवंबर को The Kanal में छपी रिपोर्ट के अनुसार, SBI प्रायोजित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की यूनियनों की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने 1 नवंबर 2026 का हड़ताल नोटिस जारी किया। संबंधित संगठनों में AIRRBEA, NFRRBO और NFRRBE से जुड़े कर्मचारी व अधिकारी संगठन शामिल बताए गए हैं।

रिपोर्ट में नौ SBI प्रायोजित RRB की शाखाओं और कार्यालयों के लिए 30 नवंबर को एक दिन की प्रस्तावित हड़ताल का जिक्र है। यह भविष्य की घोषणा है, पहले से हो चुकी हड़ताल नहीं। हस्ताक्षरित मूल नोटिस की स्वतंत्र आधिकारिक प्रति और मैनेजमेंट का जवाब इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध नहीं हो पाया।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें

रिपोर्ट में 15 सूत्रीय मांगपत्र बताया गया है। इसमें प्रायोजक बैंक के समान भत्ते और सुविधाएं, ग्रामीण बैंकों की कैटेगरी की समीक्षा, पर्क्विजिट टैक्स के मुद्दे, स्टाफिंग और अंदरूनी प्रमोशन में सुधार तथा ट्रांसफर पॉलिसी की पारदर्शिता शामिल है। संबंधित नियमों के अनुसार बाइपार्टाइट सेटलमेंट और जॉइंट नोट के लाभ लागू करने की मांग भी है।

बीमा, म्यूचुअल फंड और दूसरे थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट बेचने के दबाव का मुद्दा खास तौर पर उठाया गया है। यूनियनें चाहती हैं कि ऐसे टारगेट कर्मचारियों के प्रदर्शन मूल्यांकन का आधार न बनें। फिलहाल ये यूनियनों के आरोप और मांगें हैं; इन्हें SBI या RRB बोर्ड की स्वीकृति नहीं कहा जा सकता।

आंदोलन का बताया गया कार्यक्रम

समाचार में तीन चरण बताए गए हैं: 5 अक्टूबर से वर्क-टू-रूल और गैर-सहयोग, 1 नवंबर से थर्ड-पार्टी क्रॉस-सेलिंग का बहिष्कार और 30 नवंबर को प्रस्तावित एक दिवसीय हड़ताल। इनका वास्तविक असर हर शाखा में कितना होगा, यह पहले से तय नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक नोटिस की प्रतियां श्रम अधिकारियों, वित्त मंत्रालय, NABARD, SBI और संबंधित RRB अध्यक्षों तक भेजी गई हैं। लेकिन समझौते, सुलह बैठक के नतीजे या हड़ताल वापस लेने का कोई नया पुष्ट दस्तावेज अभी नहीं मिला।

कर्मचारी आगे क्या देखें?

किसी भी कर्मचारी को अपने बैंक और मान्यता प्राप्त यूनियन की मौजूदा लिखित सूचना के आधार पर ही आगे की कार्रवाई समझनी चाहिए। SBI और उसके प्रायोजित RRB के कर्मचारी अलग सेवा-नियमों के अधीन हैं। समान भत्ते की मांग से सभी SBI लाभ अपने-आप RRB में लागू नहीं हो जाते।

आगे प्रबंधन की लिखित प्रतिक्रिया, सुलह की कार्यवाही, कोई नया समझौता या हड़ताल कार्यक्रम में बदलाव ही महत्वपूर्ण अपडेट होगा।

स्रोत और संदर्भ

इस रिपोर्ट के बारे में
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