पंजाब नेशनल बैंक के ऑफिसर्स फेडरेशन ने करीब 10,500 ब्रांचों में स्टाफ की उपलब्धता, ट्रेनिंग और प्रशासनिक जिम्मेदारी की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है। यह मांग कुछ ब्रांच हेड्स के सस्पेंशन और प्रतिबंधित बैंकिंग एरिया में बाहरी लोगों की मौजूदगी की खबरों के बीच सामने आई। Mint की 1 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, फेडरेशन ने 30 अक्टूबर को बैंक मैनेजमेंट को सर्कुलर भेजा था। अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि बैंक ने पूरे नेटवर्क का ऐसा ऑडिट मंजूर कर लिया है।

किसके लिएPunjab National Bank officers, branch managers and other branch staff potentially affected by audit or disciplinary reviewsस्थितिDemanded

ऑफिसर्स फेडरेशन ने PNB से क्या मांग की?

ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर्स फेडरेशन (AIPNBOF) ने PNB मैनेजमेंट से ब्रांच नेटवर्क में स्टाफ की स्थिति, ट्रेनिंग और प्रशासनिक जवाबदेही का निष्पक्ष आकलन कराने को कहा है। Mint ने 1 नवंबर 2026 को रिपोर्ट किया कि फेडरेशन ने 30 अक्टूबर को बैंक के MD एवं CEO को इस बारे में सर्कुलर भेजा था। पृष्ठभूमि में कुछ ब्रांच हेड्स के सस्पेंशन की खबरें हैं। जांच में कुछ जगह बैंक के कंप्यूटर और कैश एरिया के आसपास अनधिकृत बाहरी व्यक्तियों की मौजूदगी का मुद्दा उठा था।

सबसे जरूरी फर्क: यह यूनियन की मांग है, बैंक की ओर से जारी ऑडिट का आदेश नहीं। उपलब्ध खबरों में यह पुष्टि नहीं हुई कि PNB ने करीब 10,500 ब्रांचों का प्रस्तावित ऑडिट मंजूर कर लिया है या पूरा कर लिया है।

फेडरेशन ने किन तीन बातों की समीक्षा मांगी?

मुद्दा फेडरेशन का प्रस्ताव ब्रांच स्टाफ के लिए महत्व
स्टाफ की उपलब्धता मंजूर पदों और वास्तव में मौजूद कर्मचारियों की तुलना; बिजनेस, ग्राहक संख्या, लोकेशन और काम के बोझ को ध्यान में रखना। क्या संवेदनशील बैंकिंग काम करने के लिए पर्याप्त अधिकृत स्टाफ है?
ट्रेनिंग कैश हैंडलिंग, बैंकिंग सिस्टम, फ्रॉड रोकथाम और सुरक्षा प्रक्रियाओं की ट्रेनिंग की गुणवत्ता और उपयोगिता देखना। क्या कर्मचारियों को मौजूदा सिस्टम और जिम्मेदारियों के लिए सही तैयारी मिली है?
वरिष्ठ कार्यालयों की भूमिका ब्रांच, सर्किल/जोनल और कॉरपोरेट ऑफिस की स्टाफ प्लानिंग, मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन संबंधी जिम्मेदारी की समीक्षा। क्या जवाबदेही तय करते समय उपलब्ध संसाधन और सपोर्ट भी देखे जाएंगे?

यह फेडरेशन द्वारा सुझाए गए जांच के विषय हैं। इसका मतलब यह नहीं कि PNB की सभी ब्रांचें स्टाफ की कमी से जूझ रही हैं या किसी वरिष्ठ अधिकारी की गलती साबित हो चुकी है।

ब्रांच हेड्स के सस्पेंशन का मामला

Mint की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ ब्रांच हेड्स को उस समय सस्पेंड किया गया, जब बैंक के प्रतिबंधित कंप्यूटर तथा कैश सेक्शन में बाहरी लोगों की मौजूदगी की बात सामने आई। फेडरेशन ने यह नहीं कहा कि साबित हुई लापरवाही या गलत काम पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उसका कहना है कि केवल ब्रांच स्तर पर कार्रवाई करने के बजाय कर्मचारियों की संख्या, ट्रेनिंग, निगरानी और ऊपर से मिलने वाले सपोर्ट की भी निष्पक्ष समीक्षा हो।

इस रिपोर्ट के आधार पर सभी संबंधित कर्मचारियों की अंतिम विभागीय जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती। सस्पेंशन अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। हर कर्मचारी के मामले में लागू सर्विस रूल्स और वास्तविक जांच रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।

ग्रेटर नोएडा वाला फ्रॉड केस अलग जांच का विषय है

PNB की ग्रेटर नोएडा सेक्टर पाई ब्रांच में ग्राहक खातों से कथित अनधिकृत ट्रांजैक्शन की जांच भी चल रही है। Hindustan Times की 1 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में छह बैंक अधिकारियों के Core Banking System (CBS) यूजर ID के कथित इस्तेमाल की बात सामने आई। उन कर्मचारियों ने अपनी ID जानबूझकर साझा की थी या नहीं, यह जांच का विषय बताया गया। मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रहा था।

यह एक विशेष आपराधिक जांच है, जबकि फेडरेशन की मांग बैंक के व्यापक स्टाफिंग और कंट्रोल सिस्टम को लेकर है। किसी केस में आरोप लगना पूरे बैंक के कर्मचारियों के दोषी होने का प्रमाण नहीं है। संभावित नुकसान की रकम भी अलग-अलग रिपोर्टों में अलग बताई गई है; यहां किसी रकम को अंतिम और प्रमाणित नुकसान नहीं कहा जा रहा।

PNB के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए इसका मतलब

ब्रांच मैनेजर के लिए मुख्य सवाल यह है कि जिम्मेदारी तय करते समय बैंक के अधिकृत स्टाफ, ट्रेनिंग, सिस्टम एक्सेस और वरिष्ठ कार्यालयों के सहयोग की वास्तविक स्थिति भी देखी जाए या नहीं। फेडरेशन की मांग है कि ऐसा मूल्यांकन किया जाए। कैश, ऑपरेशंस और कस्टमर सर्विस से जुड़े स्टाफ के लिए यह घटना याद दिलाती है कि संवेदनशील बैंकिंग सिस्टम और प्रतिबंधित एरिया तक पहुंच केवल अधिकृत लोगों को ही मिलनी चाहिए। स्टाफ की कमी या अतिरिक्त काम की समस्या हो तो उसका समाधान निर्धारित आंतरिक प्रक्रिया से उठाना जरूरी है।

यह खबर किसी नए PNB सर्विस रूल, सस्पेंशन से सुरक्षा, अतिरिक्त स्टाफ की मंजूरी या भत्ते की घोषणा नहीं है। कर्मचारियों पर फिलहाल बैंक की लागू प्रक्रियाएं ही लागू हैं।

किन बातों पर अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं है?

  • क्या PNB मैनेजमेंट ने सभी ब्रांचों का ऑडिट औपचारिक रूप से मंजूर किया है?
  • ऑडिट के लिए कोई टाइमलाइन, स्वतंत्र एजेंसी या रिपोर्टिंग व्यवस्था तय हुई है?
  • जिन ब्रांच हेड्स को सस्पेंड किए जाने की खबर है, उनके मामलों में कोई नया अंतिम फैसला हुआ है?
  • ग्रेटर नोएडा जांच में अंतिम नुकसान और व्यक्तिगत जिम्मेदारी क्या तय होती है?

सोर्स संबंधी सूचना: 30 अक्टूबर के फेडरेशन सर्कुलर की जानकारी Mint की रिपोर्ट से मिली। पूरे मूल सर्कुलर और PNB के आधिकारिक जवाब को इस जांच में स्वतंत्र रूप से नहीं पढ़ा जा सका। इसलिए सर्कुलर से जुड़ी बातों का श्रेय Mint की रिपोर्ट को दिया गया है। यह पहले से कवर किए गए ग्रेटर नोएडा फ्रॉड केस की पुनरावृत्ति नहीं, बल्कि उससे जुड़े अलग यूनियन और स्टाफिंग घटनाक्रम की खबर है।

स्रोत और संदर्भ

  1. Mint — PNB union seeks audit of 10,500 branches after ₹11.24 cr fraud, multiple suspensions; warns against knee-jerk action (1 नवंबर 2026)
  2. Hindustan Times — Gr Noida PNB fraud: Staffer used bank IDs for illegal transactions, say police (1 नवंबर 2026)
इस रिपोर्ट के बारे में
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