छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के दो कर्मचारी संगठनों ने एक यूनियन पदाधिकारी से जुड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की समीक्षा के लिए SBI की विजिलेंस अथॉरिटी को पत्र लिखा है। 28 अक्टूबर 2026 की इस शिकायत में पक्षपात का आरोप लगाया गया है। अभी इस आरोप पर कोई स्वतंत्र अंतिम निष्कर्ष या बैंक मैनेजमेंट का सत्यापित जवाब नहीं मिला है।
दो कर्मचारी संगठनों ने क्या आरोप लगाया?
Chhattisgarh Rajya Gramin Bank Employees Association (CRGBEA) और Chhattisgarh Rajya Gramin Bank Officers’ Organisation (CRGBOO) ने 28 अक्टूबर 2026 को SBI के Additional Chief Vigilance Officer को पत्र लिखने की बात कही है। Kanal की रिपोर्ट के अनुसार पत्र नंबर JF/95/2026-27 में एक यूनियन पदाधिकारी के खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई और ऐसे अन्य मामलों की समीक्षा मांगी गई है।
संगठनों के मुताबिक 11 अगस्त 2026 को ओवरटाइम अलाउंस और दूसरी कर्मचारी सुविधाओं पर एक यूनियन प्रतिनिधित्व दिया गया था। उसके बाद 6 अक्टूबर 2026 को Statement of Imputation of Lapses जारी किया गया। यूनियनों का आरोप है कि इस कार्रवाई में यूनियन की वैध गतिविधि के साथ अनुचित व्यवहार हुआ हो सकता है। यह संगठन का आरोप है; बैंक मैनेजमेंट के खिलाफ दोष सिद्ध होने का फैसला नहीं।
SBI से किन बातों की समीक्षा मांगी गई?
रिपोर्ट के अनुसार संगठनों ने SBI विजिलेंस अधिकारियों से मिलने का समय, 6 अक्टूबर की कार्रवाई की परिस्थितियों की जांच, इसी तरह की अन्य शिकायतों पर ध्यान और कर्मचारी प्रतिनिधित्व पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने 8 अप्रैल 2026 की पुरानी अपॉइंटमेंट रिक्वेस्ट का भी जिक्र किया। पत्र की प्रतियां DFS, NABARD और संबंधित अधिकारियों को भेजे जाने की बात कही गई है।
नोटिस और दोष साबित होने में फर्क
किसी कर्मचारी को अनुशासनात्मक नोटिस मिलना अपने-आप दोष साबित होना नहीं है। उसी तरह यूनियन का इसे उत्पीड़न कहना भी अपने-आप बैंक मैनेजमेंट की गलती साबित नहीं करता। सर्विस रूल्स के पूरे दस्तावेज, अनुशासनात्मक केस रिकॉर्ड, मैनेजमेंट का पक्ष और विजिलेंस अथॉरिटी का फैसला स्वतंत्र रूप से उपलब्ध नहीं हुआ है।
अभी क्या स्थिति है?
किसी अंतिम अनुशासनात्मक निर्णय, नोटिस वापस लेने, सरकारी दखल या किसी पक्ष के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष की पुष्टि नहीं हुई। उपलब्ध रिपोर्ट से इतना स्थापित है कि यूनियनों ने समीक्षा की मांग की है। आगे मैनेजमेंट या विजिलेंस का लिखित जवाब, औपचारिक आदेश या न्यायिक फैसला आए तो वह अलग महत्वपूर्ण अपडेट होगा। यह मामला Chhattisgarh Gramin Bank (RRB05) से जुड़ा है, सभी ग्रामीण बैंकों पर कोई सामान्य निष्कर्ष नहीं।
स्रोत और संदर्भ
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