RBI ने 5 नवंबर 2026 को Priority Sector Lending (PSL) के नियमों को अलग-अलग बैंक श्रेणियों के लिए व्यवस्थित करने के पांच ड्राफ्ट जारी किए हैं। इनमें कमर्शियल बैंक और Regional Rural Banks भी शामिल हैं। सुझाव देने की अंतिम तारीख 26 नवंबर है। अभी ये प्रस्ताव हैं, लागू हो चुके नए नियम नहीं।

स्थितिProposed

RBI ने क्या जारी किया है?

Reserve Bank of India ने 5 नवंबर 2026 को Priority Sector Lending यानी PSL के नियमों को व्यवस्थित करने के लिए पांच ड्राफ्ट Directions जारी किए हैं। इनके तहत कमर्शियल बैंक, Small Finance Bank, Local Area Bank, Regional Rural Bank (RRB) और Urban Co-operative Bank के लिए अलग-अलग नियम-पुस्तिकाएं प्रस्तावित हैं। RBI ने 26 नवंबर 2026 तक सुझाव मांगे हैं।

सबसे जरूरी बात: ये अभी ड्राफ्ट हैं। सिर्फ ड्राफ्ट जारी होने से ब्रांच में नया नियम लागू नहीं हो जाता। अंतिम RBI Directions और बैंक का अधिकृत सर्कुलर आने तक संबंधित मौजूदा निर्देशों का पालन जरूरी है।

ब्रांच के क्रेडिट ऑफिसर्स और RRB स्टाफ को क्यों ध्यान देना चाहिए?

PSL का मतलब है उन पात्र लोन को प्राथमिकता वाले सेक्टर में गिनना जिनके लिए बैंक को नियामकीय टारगेट पूरा करना होता है। इसलिए लोन की सही कैटेगरी, ग्राहक से लिए जाने वाले डॉक्यूमेंट, डेटा एंट्री, रिपोर्टिंग और तिमाही मॉनिटरिंग पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। RRB में काम करने वाले स्टाफ को अपने बैंक की श्रेणी का ड्राफ्ट पढ़ना होगा। कमर्शियल बैंक की हर शर्त को RRB पर अपने आप लागू मानना सही नहीं होगा।

ड्राफ्ट रिपोर्टिंग में कौन-से प्रमुख टारगेट बताए गए हैं?

विषय रिपोर्ट में बताई गई स्थिति
कमर्शियल बैंक: कुल PSL टारगेट Adjusted Net Bank Credit या समतुल्य ऑफ-बैलेंस-शीट एक्सपोजर में जो अधिक हो उसका 40%
Regional Rural Bank: कुल PSL टारगेट 75%
Small Finance Bank और Urban Co-operative Bank कुल टारगेट 60%
एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर और फूड/एग्रो प्रोसेसिंग पात्रता शर्तों के साथ पूरे बैंकिंग सिस्टम में प्रति उधारकर्ता ₹100 करोड़ तक की कुल स्वीकृत सीमा
व्यक्तिगत एजुकेशन लोन PSL पात्रता के लिए रिपोर्टेड सीमा ₹25 लाख
रिन्यूएबल एनर्जी पात्र प्रोजेक्ट के लिए ₹35 करोड़ और व्यक्तिगत घरेलू उधारकर्ता के लिए ₹10 लाख की रिपोर्टेड सीमा

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कई मुख्य टारगेट और पात्रता सीमाएं पुराने नियमों से आगे लाई जा रही हैं। इसलिए ₹100 करोड़ या अन्य रकम को बिना जांचे 5 नवंबर से मिली नई छूट या नई बढ़ोतरी न समझें। हर कैटेगरी में शर्तें और अपवाद हो सकते हैं।

लोन प्रोसेसिंग में कौन-सी बातों पर नजर रखनी होगी?

Mint की रिपोर्ट बताती है कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर और फूड-प्रोसेसिंग से जुड़े लोन में अलग स्वीकृत सीमाएं, उसी गतिविधि के लिए दूसरे बैंकों से लिए गए लोन की जानकारी और कुल एक्सपोजर की स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण है। Moneycontrol की रिपोर्ट में छोटे और सीमांत किसान, हाउसिंग, एजुकेशन, ऑन-लेंडिंग और PSL Certificates जैसे विषय भी शामिल हैं।

लेकिन ये बातें फिलहाल ड्राफ्ट की समीक्षा के लिए हैं। ब्रांच अधिकारी अपनी तरफ से सिस्टम क्लासिफिकेशन या डॉक्यूमेंट नियम बदलने के बजाय बैंक के क्रेडिट और कम्प्लायंस विभाग के अधिकृत निर्देश देखें।

अब आगे क्या होगा?

सुझाव देने की अंतिम तारीख 26 नवंबर 2026 है। इसके बाद RBI अंतिम Directions और लागू होने की स्थिति स्पष्ट कर सकता है। इस रिपोर्ट के लिए Moneycontrol, Mint और ETBFSI की खबरें सीधे देखी गईं; RBI की मूल ड्राफ्ट फाइलें स्वतंत्र रूप से नहीं खुल सकीं। इसलिए इसे मूल दस्तावेज की हर धारा की आधिकारिक समीक्षा न समझें।

स्रोत और संदर्भ

इस रिपोर्ट के बारे में
स्रोत देखें, लागू होने की स्थिति जांचें और किसी गलती की जानकारी हमें दें।