जलगांव की SBI भोकर शाखा में 31 अक्टूबर की डकैती के बाद पुलिस की 2 नवंबर 2026 की जांच में नया तथ्य सामने आया। ताजा रिपोर्ट के अनुसार घटना के दौरान शाखा में लगे CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे थे। बाद में बैंक ने सिस्टम चालू कराया और पुलिस ने सुरक्षा बेहतर करने को कहा।

किसके लिएSBI भोकर शाखा के कर्मचारी और सुरक्षा स्टाफ

डकैती के बाद सुरक्षा जांच में नया तथ्य

जलगांव जिले के भोकर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में हुई डकैती की जांच अब सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की 2 नवंबर की देर रात प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को जलगांव तालुका पुलिस ने शाखा का निरीक्षण किया। पुलिस को पता चला कि 31 अक्टूबर को घटना के समय शाखा में CCTV कैमरे लगे तो थे, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण वे काम नहीं कर रहे थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना के बाद बैंक अधिकारियों ने सर्विलांस सिस्टम बहाल कर दिया। पुलिस ने सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उपलब्ध खबरों में बैंक की ओर से तकनीकी खराबी पर अलग आधिकारिक सार्वजनिक बयान या सभी शाखाओं के लिए कोई नई नीति जारी होने की पुष्टि नहीं मिलती।

पहली घटना में क्या हुआ था?

31 अक्टूबर को चार हथियारबंद लोग कथित तौर पर SBI की भोकर शाखा में घुसे और कर्मचारियों को धमकाकर नकदी तथा गिरवी रखे सोने के आभूषण लेकर भागे। कर्मचारियों, स्थानीय लोगों और पुलिस की कार्रवाई से कुछ ही घंटों में चारों संदिग्ध पकड़े गए। समकालीन खबरों में बरामद रकम और सोने की कुल कीमत करीब ₹36 करोड़ बताई गई है। अलग-अलग रिपोर्ट में सोने का वजन और नकदी की अनुमानित राशि थोड़ी भिन्न है।

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था और उन्हें 10 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया। पुलिस रिमांड का मतलब अपराध साबित होना नहीं है। मामले की जांच अभी जारी है।

CCTV खराब मिलने से क्या साबित होता है?

पुलिस निरीक्षण की रिपोर्ट से यह सामने आता है कि घटना के दौरान कैमरे काम नहीं कर रहे थे। लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि किसी बैंक कर्मचारी ने जानबूझकर सिस्टम बंद किया या डकैती में मदद की। उपलब्ध स्रोतों में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है। इसी तरह पुलिस के सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश को RBI के किसी नए सार्वदेशिक नियम की तरह पेश नहीं किया जा सकता।

तकनीकी खराबी कब शुरू हुई, कितनी देर रही, किस स्तर पर रिपोर्ट की गई और बैंक की आंतरिक समीक्षा में क्या सामने आया—इन बातों की विश्वसनीय सार्वजनिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

बैंक कर्मचारियों के लिए इसका क्या महत्व है?

किसी शाखा में कैमरे या दूसरे सुरक्षा उपकरण लगे होना और जरूरत के समय उनका ठीक से काम करना—दो अलग बातें हैं। इस मामले में सामने आया नया तथ्य ब्रांच सेफ्टी सिस्टम की वास्तविक कार्यशीलता, खराबी की समय पर जानकारी और उसे ठीक कराने की अहमियत पर ध्यान दिलाता है। यह खबर किसी खास दैनिक चेकलिस्ट या नई अनिवार्य प्रक्रिया का दावा नहीं करती।

पहली रिपोर्ट से यह खबर कैसे अलग है?

Branch Wale ने पहले BW-20261103-0001 ग्रुप में डकैती, चार गिरफ्तारियों और नकदी-सोने की बरामदगी पर रिपोर्ट तैयार की थी। यह उसी घटना का अलग, महत्वपूर्ण फॉलो-अप है, क्योंकि इसमें पुलिस की बाद की CCTV जांच और सिस्टम बहाली की नई जानकारी शामिल है।

स्रोत और संदर्भ

  1. The Times of India — Police flag CCTV lapses at Jalgaon bank, tighten security after Rs 36cr heist. https://timesofindia.indiatimes.com/city/nashik/police-flag-cctv-lapses-at-jalgaon-bank-tighten-security-after-rs-36cr-heist/articleshow/135470995.cms
  2. Hindustan Times — Dismissed PSI, 3 aides loot ₹36 crore from Jalgaon SBI at gunpoint; held within 4 hrs. https://www.hindustantimes.com/cities/pune-news/dismissed-psi-3-aides-loot-36-crore-from-jalgaon-sbi-at-gunpoint-held-within-4-hrs-101793557004073.html
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