माइक्रोफाइनेंस कंपनी Spandana Sphoorty Financial ने 2 नवंबर 2026 की स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि एक दिन पहले उसके बैंक खाते से लगभग ₹7.80 करोड़ के अनधिकृत ट्रांजैक्शन हुए और रकम 82 बेनिफिशियरी खातों में गई। कंपनी ने संबंधित बैंक से रिवर्सल, अकाउंट फ्रीज और जांच का अनुरोध किया है; रिकवरी की पुष्टि नहीं हुई है।

किसके लिएप्रभावित ट्रांजैक्शन से जुड़े बैंकों की पेमेंट्स और फ्रॉड जांच टीमें; संबंधित बैंक का नाम सामने नहीं आया है

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को क्या बताया?

माइक्रोफाइनेंस लेंडर Spandana Sphoorty Financial Limited ने 2 नवंबर 2026 को BSE और NSE को भेजी आधिकारिक सूचना में बताया कि 1 नवंबर को उसके एक बैंक खाते से अनधिकृत ट्रांजैक्शन हुए। कंपनी ने अनुमानित राशि ₹7.80 करोड़ बताई है। फाइलिंग के Annexure-A के मुताबिक यह रकम अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 82 बेनिफिशियरी खातों में गई।

कंपनी ने इसे साइबर फ्रॉड की घटना कहा है, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया है कि ट्रांजैक्शन किस तरह हुए और कौन लोग शामिल थे, इसकी जांच चल रही है। संबंधित बैंक का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया। इस मामले में किसी बैंक कर्मचारी की भूमिका की पुष्टि भी उपलब्ध दस्तावेज में नहीं है।

घटना सामने आने के बाद कौन-से कदम बताए गए?

  • कंपनी की अपनी सर्विस: Spandana के मुताबिक समस्या पता चलने पर उसने अपने प्रोडक्शन एनवायरनमेंट में प्रभावित सर्विस रोक दी।
  • बैंक को सूचना: संबंधित बैंक से ट्रांजैक्शन रिवर्स करने, बेनिफिशियरी खाते फ्रीज करने और विस्तृत जांच की मांग की गई।
  • साइबर क्राइम शिकायत: कंपनी ने कहा कि 1 नवंबर को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज की गई।
  • इंश्योरेंस: कंपनी के पास साइबर फ्रॉड इंश्योरेंस है और उसने क्लेम दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही।

यह समझना जरूरी है कि रिवर्सल या फ्रीज की मांग करना और रकम सचमुच वापस मिल जाना अलग बातें हैं। फाइलिंग में रिकवरी की कोई पुष्ट राशि नहीं दी गई है।

अब तक कौन-सी जानकारी पक्की है और क्या पता नहीं?

मुद्दा 2 नवंबर तक उपलब्ध जानकारी
संदिग्ध रकम कंपनी का अनुमान लगभग ₹7.80 करोड़
रकम पाने वाले खाते कंपनी के Annexure-A के अनुसार 82 खाते
ट्रांजैक्शन की तारीख 1 नवंबर 2026
खाता किस बैंक में था? नाम जारी नहीं किया गया
अनधिकृत एक्सेस कैसे हुआ? जांच जारी; तरीका स्थापित नहीं
कितनी रकम वापस मिली? अभी जानकारी नहीं दी गई

बैंकिंग स्टाफ के लिए खबर क्यों जरूरी है?

इस घटना का बैंकिंग ऑपरेशंस से सीधा संबंध है क्योंकि कंपनी ने बैंक से ट्रांजैक्शन ट्रेस करने, संभावित रिवर्सल और कई बेनिफिशियरी खाते फ्रीज कराने की मांग की है। पेमेंट्स, फ्रॉड मॉनिटरिंग और रिकवरी टीमों के लिए ये व्यावहारिक मुद्दे हैं। हालांकि, इससे किसी नए RBI नियम के लागू होने या संबंधित बैंक की गलती साबित होने का दावा नहीं किया जा सकता।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि बैंक के अपने सिस्टम को हैक किया गया था या किसी दूसरी जगह से अनधिकृत ट्रांजैक्शन शुरू हुए। फाइलिंग केवल खाते से अनधिकृत डेबिट और चल रही जांच की पुष्टि करती है।

आगे किस अपडेट पर नजर रहेगी?

Spandana ने कहा है कि जांच और रकम की रिकवरी जैसे महत्वपूर्ण नए तथ्य सामने आने पर स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी जाएगी। उसके बाद ही फ्रॉड का तरीका, शामिल व्यक्तियों या अंतिम वित्तीय असर पर अधिक निश्चित रिपोर्ट बन सकेगी। फाइलिंग रेफरेंस SSFL/Stock Exchange/2026-27/082 है, जो 2 नवंबर 2026 को जारी हुई।

स्रोत और संदर्भ

  1. Spandana Sphoorty Financial Limited (NSE stock exchange filing) — Intimation under Regulation 30 of SEBI (LODR) Regulations, 2015 – Cyber Fraud Incident. https://nsearchives.nseindia.com/corporate/SPANDANA_02112026105300_SEcyberfraud.pdf
  2. Reuters — India's Spandana Sphoorty Financial reports cyberattack involving its bank account. https://www.reuters.com/legal/government/indias-spandana-sphoorty-financial-reports-cyberattack-involving-its-bank-2026-11-02/
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