UCO बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर 3 नवंबर 2026 से प्रभावी बल्क टर्म डिपॉजिट रेट कार्ड दिया गया है। इसके अनुसार ₹3 करोड़ या उससे ज्यादा की FD का रेट और अवधि ग्राहक को कोट करने या जमा स्वीकार करने से पहले ब्रांच स्टाफ को मुंबई की Treasury and Investment Branch से पुष्टि करनी होगी।
UCO बैंक ने क्या जारी किया है?
UCO बैंक की मूल डिपॉजिट रेट वेबसाइट पर 3 नवंबर 2026 से प्रभावी बल्क टर्म डिपॉजिट दरें दी गई हैं। वेबसाइट पर अंतिम अपडेट की तारीख भी 3 नवंबर दर्ज है। ₹3 करोड़ से ₹10 करोड़ तक की एकल जमा और ₹10 करोड़ से ऊपर की रकम के लिए अलग टेबल हैं। Callable और non-callable डिपॉजिट की दरें भी अलग-अलग दिखाई गई हैं।
यह 3 नवंबर से प्रभावी प्रकाशित कार्ड की जानकारी है, पुराने और नए कार्ड की तुलना नहीं। इसलिए यह कहना ठीक नहीं होगा कि हर अवधि पर बैंक ने ब्याज बढ़ाया या घटाया है। ग्राहक को रेट बताने से पहले उस दिन का नया कार्ड जरूर देखें।
ब्रांच के लिए मुख्य Treasury नियम
दर तालिका के नीचे बैंक का महत्वपूर्ण नोट है। ₹3 करोड़ या इससे अधिक के किसी भी बल्क डिपॉजिट का रेट या अवधि कोट करने या जमा स्वीकार करने से पहले फील्ड अधिकारी को मुंबई की Treasury and Investment Branch को जानकारी देकर रेट और टेनर की पुष्टि लेनी है। ग्राहक को वेबसाइट पर कोई रेट दिखने से यह ब्रांच प्रक्रिया समाप्त नहीं होती।
बैंक ने नोट में confirmation कहा है। इसका अर्थ अपनी तरफ से कोई नया approval चरण या काम पूरा होने का समय गढ़ना नहीं है। वर्तमान इंटरनल ऑपरेटिंग नियमों के अनुसार ही काम करना चाहिए।
₹3 करोड़ से ₹10 करोड़ तक की चुनिंदा सालाना दरें
| अवधि | Callable | Non-callable |
|---|---|---|
| 46–90 दिन | 4.50% | 4.55% |
| 181–210 दिन | 5.00% | 5.05% |
| 271 दिन से एक साल से कम | 5.50% | 5.55% |
| एक साल | 5.50% | 5.55% |
| एक साल से ज्यादा और 399 दिन तक | 6.90% | 6.90% |
ये आंकड़े ₹3 करोड़ से ₹10 करोड़ तक की सिंगल डिपॉजिट टेबल से हैं। जहां लागू हो, NRO टर्म डिपॉजिट भी संबंधित श्रेणी में आते हैं। इसे बिना Treasury पुष्टि के किसी विशेष ग्राहक को दी गई अंतिम ऑफर दर नहीं माना जाना चाहिए। Non-callable जमा में समय से पहले निकासी की शर्तें अलग हो सकती हैं; प्रोडक्ट की वास्तविक शर्तें भी जांचें।
₹10 करोड़ से ऊपर अलग रेट बैंड
₹10 करोड़ से ज्यादा के लिए बैंक ने ₹10–50 करोड़, ₹50–100 करोड़ और ₹100 करोड़ से ज्यादा की जमा की अलग टेबल दी है। बैंक ने ऐसी बड़ी रकम के लिए ग्राहक को ब्रांच से संपर्क करने के लिए भी कहा है। छोटी रकम की दर को बड़ी रकम पर बिना जांच के लागू करना सही नहीं होगा। रेट और अवधि की पुष्टि प्रस्तावित जमा के अनुसार होनी चाहिए।
ब्रांच मैनेजर और डिपॉजिट डेस्क की चेकलिस्ट
- ग्राहक की रकम, FD की अवधि, खाता और callable या non-callable विकल्प साफ करें।
- बुकिंग की तारीख पर लागू सबसे नया रेट कार्ड और कोई संशोधन जांचें।
- ₹3 करोड़ या उससे ज्यादा की जमा पर Treasury and Investment Branch से रेट और अवधि की पुष्टि लें।
- नई FD है या renewal, उसके अनुसार सही शर्तें और ग्राहक की सहमति रिकॉर्ड करें।
- ग्राहक, खाता और प्रोडक्ट के लिए लागू बैंक के मौजूदा निर्देशों का पालन करें।
स्टाफ और पेंशनर FD की अतिरिक्त ब्याज सुविधा
इसी बैंक पेज पर पात्र स्टाफ, वरिष्ठ नागरिक और कुछ रिटायर्ड स्टाफ के लिए अलग अतिरिक्त ब्याज श्रेणियां भी लिखी हैं। लेकिन नवंबर की बल्क FD रेट तारीख को स्टाफ बेनिफिट में नई बढ़ोतरी का प्रमाण नहीं माना जा सकता। स्टाफ संबंधी अतिरिक्त दरों की पात्रता और बल्क डिपॉजिट की Treasury प्रक्रिया अलग-अलग नियमों से तय होती है।
बैंकर्स के काम के लिए यह क्यों जरूरी है?
बड़ी रकम की FD का प्रभाव ब्रांच के ग्राहक संबंध, Treasury समन्वय और बैंक के ब्याज खर्च पर पड़ता है। सार्वजनिक वेबसाइट पर दिखी दर और किसी खास ग्राहक के लिए पुष्टि की गई दर में अंतर समझना जरूरी है। ठीक से rate-and-tenor confirmation लेकर रिकॉर्ड रखने से बाद में विवाद कम हो सकते हैं। UCO बैंक का मूल रेट पेज और नया इंटरनल सर्कुलर ही अंतिम संदर्भ हैं।
स्रोत और संदर्भ
स्रोत देखें, लागू होने की स्थिति जांचें और किसी गलती की जानकारी हमें दें।
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