रिपोर्ट के मुताबिक Bharatiya Mazdoor Sangh (BMS) के प्रतिनिधियों ने 4 नवंबर 2026 को वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के संयुक्त सचिव से मुलाकात कर बैंक पेंशन में सुधार, रिटायर्ड स्टाफ के मेडिकल इंश्योरेंस और DA समेत कई मांगें रखीं। किसी नई सुविधा की सरकारी मंजूरी की पुष्टि नहीं हुई है।

बैठक में क्या बात हुई?

HelloBanker की 5 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, Bharatiya Mazdoor Sangh (BMS) के एक प्रतिनिधिमंडल ने 4 नवंबर को वित्तीय सेवा विभाग (DFS) की संयुक्त सचिव शालिनी पंडित से मुलाकात की। बैंक पेंशनर्स की लंबे समय से लंबित समस्याओं पर प्रतिनिधियों ने एक ज्ञापन दिया। रिपोर्ट में वित्तीय क्षेत्र से जुड़े BMS प्रतिनिधि गिरीश चंद्र आर्य का भी उल्लेख है।

इस खबर के लिए मूल ज्ञापन या DFS का आधिकारिक मीटिंग रिकॉर्ड स्वतंत्र रूप से उपलब्ध नहीं हुआ। इसलिए नीचे दिए गए बिंदु संगठन की बताई गई मांगों के रूप में पढ़े जाने चाहिए, न कि सरकारी आदेश के रूप में।

पेंशन अपडेट और अदालत में लंबित मुद्दा

प्रतिनिधिमंडल ने बैंक पेंशन में सुधार और पेंशन अपडेट से जुड़े पुराने विवाद को जल्द सुलझाने की मांग की। प्रकाशित रिपोर्ट कहती है कि संगठन ने 15 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुरक्षित रखे जाने का उल्लेख किया। संबंधित कोर्ट रिकॉर्ड की अलग से पुष्टि नहीं हुई है। इस बैठक की खबर में न कोई अंतिम फैसला घोषित हुआ है और न किसी पेंशन राशि में नई बढ़ोतरी।

रिटायर्ड स्टाफ के मेडिकल इंश्योरेंस की मांग

BMS ने स्टाफ वेलफेयर फंड से रिटायर्ड कर्मचारियों के ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस को ज्यादा सहायता देने की बात उठाई। संगठन ने मांग की कि सरकारी बैंकों में योजना अधिक समान हो और बैंक पूरा प्रीमियम वहन करें। रिपोर्ट में पुरानी सरकारी चिट्ठियों और वेलफेयर फंड से जुड़ी रकम का हवाला दिया गया है। लेकिन इन संदर्भों से कोई नई, सब पर लागू मेडिकल पॉलिसी अपने-आप बन नहीं जाती।

DA, ex-gratia और बचा हुआ पेंशन विकल्प

संगठन ने नवंबर 2022 से पहले और उसके बाद रिटायर हुए पेंशनर्स के DA या महंगाई राहत की गणना में कथित अंतर का मुद्दा उठाया। BMS की मांग है कि पहले रिटायर हुए कर्मचारियों के लिए भी बाद वाले समूह जैसा आधार लागू हो और इसका लाभ पिछली तारीख से मिले। यह अभी मांग है; इसे मंजूर फॉर्मूला मानकर व्यक्तिगत पेंशन की रकम नहीं निकाली जा सकती।

प्रतिनिधियों ने अप्रैल 2024 से ex-gratia की सालाना समीक्षा न होने की शिकायत भी बताई। जिन कुछ पुराने कर्मचारियों को पहले दूसरा पेंशन विकल्प नहीं मिल पाया, उनके लिए एक आखिरी मौका और पेंशनर्स की शिकायत सुनने के लिए प्रभावी मंच बनाने का अनुरोध भी सामने आया।

दूसरे सर्विस और पेंशन मुद्दे

रिपोर्ट के मुताबिक, इस्तीफा दे चुके पूर्व कर्मचारियों के पेंशन अधिकार, स्पेशल अलाउंस को पेंशन और ग्रेच्युटी की गणना में शामिल करने, फैमिली पेंशन की पात्रता और Bank Employees Pension Regulations, 1995 में बदलाव की मांग भी की गई। IDBI Bank और पूर्व United Western Bank से जुड़े कुछ कर्मचारियों की अलग समस्याओं का भी उल्लेख है। अलग-अलग बैंक और कर्मचारी समूहों के नियम एक जैसे मानना सही नहीं होगा।

क्या DFS ने कोई मंजूरी दी है?

प्रकाशित खबर में बताया गया है कि संयुक्त सचिव ने प्रतिनिधिमंडल की बातें सुनीं और मुद्दों पर विचार करने की बात कही। लेकिन कोई नया DFS आदेश, संशोधित पेंशन टेबल, मेडिकल पॉलिसी, IBA सेटलमेंट या लागू होने की तारीख सामने नहीं रखी गई है। अगला ठोस अपडेट सरकारी पत्र, हस्ताक्षरित समझौते, अदालत के आदेश या संबंधित बैंक के सर्कुलर से ही मिलेगा।

तब तक पेंशनर्स और रिटायर्ड स्टाफ को अपनी मौजूदा पात्रता के लिए बैंक की अधिकृत जानकारी ही देखनी चाहिए। बातचीत होने भर से पेंशन क्रेडिट या इंश्योरेंस क्लेम के नियम नहीं बदलते।

स्रोत और संदर्भ

इस रिपोर्ट के बारे में
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