उत्तर प्रदेश के झांसी में State Bank of India के एक शाखा प्रबंधक ने पेट्रोल कम मिलने पर सवाल उठाने के बाद मारपीट और धमकी दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई है। घटना 31 अक्टूबर 2026 की बताई गई है। नवाबाद पुलिस के अनुसार मामले में रिपोर्ट दर्ज हुई है और सीसीटीवी फुटेज की जांच हो रही है। आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

पेट्रोल पंप पर विवाद की क्या शिकायत है?

उत्तर प्रदेश के झांसी में State Bank of India (SBI) के एक शाखा प्रबंधक ने पेट्रोल पंप के कर्मचारियों पर मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया है। अमर उजाला की 6 नवंबर 2026 को सुबह 1:37 बजे प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार घटना 31 अक्टूबर की रात करीब 10 बजे झोकनबाग इलाके के एक पेट्रोल पंप पर हुई थी। यह इलाका नवाबाद थाना क्षेत्र में आता है।

शाखा प्रबंधक ने पुलिस को बताया कि मोटरसाइकिल में डाले गए पेट्रोल की मात्रा पर उन्होंने सवाल उठाया था। उनकी शिकायत के अनुसार पहले एक कर्मचारी से कहासुनी हुई और बाद में कुछ अन्य कर्मचारी भी आ गए। उन्होंने मारपीट करने और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं, अदालत का फैसला नहीं।

पुलिस क्या जांच कर रही है?

अखबार ने नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव के हवाले से बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस पेट्रोल पंप की सीसीटीवी फुटेज देख रही है। जिस खबर की जांच की गई, उसमें एफआईआर नंबर, किसी आरोपी की गिरफ्तारी, अंतिम आरोपपत्र या अदालत के फैसले की पुष्टि नहीं मिलती। इसलिए इन बातों के बारे में कोई अनुमान नहीं लगाया गया है।

रिपोर्ट में संबंधित व्यक्ति को SBI का शाखा प्रबंधक बताया गया है, लेकिन उनकी शाखा का नाम स्पष्ट नहीं किया गया। विवाद बैंक में काम के दौरान नहीं, बल्कि पेट्रोल खरीदने के समय हुआ था।

बैंकिंग समुदाय के लिए खबर क्यों जरूरी है?

बैंक कर्मचारी या अधिकारी के साथ नौकरी की जगह से बाहर हुई गंभीर सार्वजनिक घटना भी बैंकिंग समुदाय के लिए प्रासंगिक हो सकती है। हालांकि उपलब्ध खबर से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि घटना के लिए SBI, बैंक का प्रबंधन या बैंक का कोई काम जिम्मेदार था। इसे व्यक्तिगत विवाद से जुड़ी पुलिस शिकायत के रूप में ही समझना चाहिए।

अभी किन बातों की पुष्टि बाकी है?

सीसीटीवी जांच से क्या सामने आया, आरोपियों की पहचान या उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई क्या हुई और अदालत में क्या निष्कर्ष निकला, इन बातों की विश्वसनीय पुष्टि अभी नहीं है। कर्मचारी के निजी घर का पता या अनावश्यक पहचान संबंधी विवरण यहां नहीं दिए गए हैं।

स्रोत और संदर्भ

इस रिपोर्ट के बारे में
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