पंजाब एंड सिंध बैंक के MD और CEO के मुताबिक बैंक FY29 तक अपनी करीब 1,700 ब्रांच को बढ़ाकर 2,000 करने का लक्ष्य रख रहा है। साथ ही बैंक चरणबद्ध तरीके से इक्विटी के जरिए पूंजी जुटाने की योजना पर काम कर रहा है। यह बैंक के विस्तार का रोडमैप है, नई ब्रांच खुल जाने या कर्मचारियों की नई पोस्टिंग का आदेश नहीं।
FY29 तक 2,000 ब्रांच का लक्ष्य
पंजाब एंड सिंध बैंक अपने पुराने उत्तरी इलाकों से बाहर भी ब्रांच नेटवर्क बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। 6 नवंबर 2026 को Mint में प्रकाशित इंटरव्यू में बैंक के MD और CEO स्वरूप कुमार साहा ने बताया कि अभी करीब 1,700 ब्रांच हैं और FY29 तक इनकी संख्या 2,000 तक ले जाने का लक्ष्य है। करीब 300 अतिरिक्त ब्रांच दक्षिण, पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में खोलने की योजना है।
बैंक का लक्ष्य FY29 तक 2,000 से अधिक ATM और 6,000 बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट का नेटवर्क बनाने का भी है। इन सभी माध्यमों को मिलाकर बैंक के सेवा-केंद्र 10,000 से अधिक होने की उम्मीद जताई गई है। ये लक्ष्य हैं, पूरी हो चुकी ब्रांच ओपनिंग नहीं। इंटरव्यू में हर प्रस्तावित ब्रांच का पता, खुलने की तारीख या स्टाफ की स्वीकृत संख्या नहीं दी गई।
QIP, OFS और सरकारी हिस्सेदारी का रोडमैप
CEO ने बताया कि बैंक चरणों में इक्विटी के जरिए पूंजी जुटाने पर काम कर रहा है। FY27 में लगभग ₹1,500 करोड़ के क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) की योजना सामने आई। इससे सरकार की हिस्सेदारी में करीब 8–10% की कमी होने की बात कही गई है। सरकार अलग से ऑफर फॉर सेल (OFS) के विकल्प पर भी विचार कर रही है, जिसका समय बाजार की स्थिति देखकर तय होगा।
बैंक के बोर्ड ने इक्विटी जारी करके अधिकतम ₹3,000 करोड़ जुटाने की मंजूरी दी है। इसका मतलब यह नहीं कि पूरी राशि पहले ही मिल चुकी है। इंटरव्यू में सरकार की मौजूदा हिस्सेदारी 93.85% बताई गई। सार्वजनिक शेयरधारिता से जुड़े नियमों को पूरा करना प्रस्तावित फंड जुटाने की एक वजह है।
QIP और OFS एक जैसे नहीं हैं। QIP में बैंक आम तौर पर योग्य संस्थागत निवेशकों को नए शेयर जारी करता है। OFS में मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी के शेयर बेच सकता है। किसी योजना की चर्चा होने को शेयर बिक्री या पूंजी जुटाने का पूरा हो चुका लेनदेन नहीं माना जाना चाहिए।
डिपॉजिट और लोन कारोबार में बैंक की प्राथमिकताएं
बैंक ने FY27 में कुल कारोबार लगभग 15% बढ़ने, डिपॉजिट 13–14% बढ़ने और क्रेडिट 16–18% बढ़ने की उम्मीद बताई। CEO के मुताबिक डिपॉजिट जुटाना बैंक की बड़ी प्राथमिकता है। बैंक आवर्ती जमा और फिक्स्ड डिपॉजिट अभियानों के जरिए ब्रांच की भागीदारी बढ़ा रहा है। सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के सैलरी अकाउंट तथा संस्थागत डिपॉजिट पर भी जोर दिया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार बैंक के कुल लोन में रिटेल, कृषि और MSME क्षेत्र की हिस्सेदारी 61.37% थी। इसे मार्च 2027 तक 65% और FY28 तक 70% करने का लक्ष्य है। इन्हें आज हासिल हो चुके आंकड़े समझना सही नहीं होगा। इस रणनीति में ग्राहकों के साथ संबंध, लोन सोर्सिंग और ब्रांच संचालन का महत्व बढ़ सकता है, लेकिन इंटरव्यू में किसी व्यक्तिगत कर्मचारी के लिए नया अनिवार्य टारगेट जारी नहीं किया गया।
डिजिटल बैंकिंग और साइबर सुरक्षा की योजना
बैंक ने हाउसिंग और वाहन लोन समेत 12 लोन प्रोडक्ट को डिजिटल करने की जानकारी दी। अपग्रेड किया गया PSB UnIC मोबाइल ऐप चरणों में लॉन्च करने की योजना है। बैंक का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्रम जून 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जनवरी 2027 तक एक बेहतर रेजिलिएंस ऑपरेशंस सेंटर शुरू होने की उम्मीद भी बताई गई, जो IT सिस्टम की 24 घंटे निगरानी करेगा।
इस तरह के बदलाव से ब्रांच और बैक-ऑफिस की प्रक्रियाओं, डिजिटल लोन सोर्सिंग और समस्या के निपटान के तरीकों में फर्क पड़ सकता है। लेकिन इंटरव्यू में किसी खास ब्रांच के लिए नई ड्यूटी लिस्ट, ट्रेनिंग सर्कुलर या लागू होने की निश्चित तारीख नहीं दी गई।
बैंक कर्मचारियों के लिए मुख्य बातें
- ब्रांच विस्तार लंबी अवधि का लक्ष्य है: FY29 तक 2,000 ब्रांच बनाने की योजना से किसी एक नई ब्रांच की निश्चित ओपनिंग डेट नहीं पता चलती।
- डिपॉजिट जुटाने पर साफ जोर है: बैंक की कारोबारी प्राथमिकता समझ आती है, लेकिन कर्मचारी को अपने काम के निर्देश अधिकृत बैंक सर्कुलर से ही देखने चाहिए।
- हिस्सेदारी बदलने की योजना और सर्विस रूल अलग बातें हैं: QIP या OFS की चर्चा से वेतन, ट्रांसफर, भर्ती या कर्मचारी लाभ अपने आप नहीं बदलते।
- डिजिटल योजनाओं का असली असर लागू होने पर स्पष्ट होगा: काम से जुड़े बदलाव के लिए बैंक की बाद की आधिकारिक जानकारी जरूरी है।
अभी किन बातों की पुष्टि नहीं हुई है?
इंटरव्यू में प्रस्तावित सभी ब्रांच की लोकेशन, नई भर्ती की मंजूरी, कोई नया यूनियन समझौता, कर्मचारियों के सर्विस रूल में संशोधन या FY27 का पूरा हो चुका QIP सौदा नहीं बताया गया। बाजार, नियामकीय मंजूरी और बैंक के आगे आने वाले फैसलों के आधार पर योजनाएं बदल सकती हैं। यहां दिए गए आंकड़े इंटरव्यू में बताई गई स्थिति और लक्ष्य हैं।
स्रोत और संदर्भ
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